बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आता
कभी सोचा नहीं था कि तुझसे इस कदर बिछड़ जाऊंगा, सपने तो तेरे देखे थे, पर अकेले जीना सीख जाऊंगा।
संवर गई तो जन्नत, नहीं तो सिर्फ तमाशा है
अब ना कोई शिकवा है, ना कोई मलाल, जिसे जाना था, वो चला गया… बस इतना ही हाल।
जब शब्द कम पड़ जाएँ, तब शायरी दिल का बोझ हल्का करती है।
अब तेरी खामोशी में भी दर्द महसूस होता है…!!!
पर क्या हम कभी वही प्यार दोबारा पा पाए क्या।
रिश्ते निभाने की उम्मीद हमसे ही क्यों,
तुमसे मिलने की उम्मीद कभी खत्म नहीं हुई,
तू खुश रह, यही दुआ है मेरी, बस तुझे याद करने की इजाज़त दे दे।
जिंदगी में जब कोई अपना नहीं होता, तब दर्द भी अपना सा लगने लगता है।
बातें अधूरी रह गई, ख्वाब भी अधूरे रह गए, अब बस यादों Sad Shayari का एक सिलसिला रह गया।
अब मेरी दुनिया में सिर्फ़ तुम्हारी यादें और अकेलापन ही बचा है…!!!
तेरे मखमली बदन में, खुशबुओं के चमन में।